Cash Flow – आपके पैसे की कहानी: इतना आसान समझाया कि दादा-दादी भी बोलें वाह

देखिये आज एके आर्टिकल में आपको cash फ्लो ऐसा समझाऊंगा कि आप कभी भी भूलने वाले नहीं हैं, तो सुबह उठते ही आपकी माँ चाय बनाती हैं। पानी ऊपर से आता है, नीचे बहता है।ठीक अभी के लिए आप इतना ही समझें, ठीक आगे मैं बता रहा हूँ,
तो आज मैं आपको cash flow की ऐसी कहानी सुनाऊंगा कि आप कहेंगे – “अरे, इतना आसान था?” और सबसे मजेदार बात… आपके घर के बुजुर्ग भी सुनकर कहेंगे – “हाँ बेटा, हमें भी समझ आ गया!” इतना आसन भाषा में बताने वाला हूँ|
चलिए एक कहानी से शुरू करते हैं।
रामू काका के घर में एक बड़ा सा टैंक है। हर सुबह नल से पानी आता है – भर-भर के। और पूरे दिन… नहाने में थोड़ा जाता है, खाना बनाने में थोड़ा, कपड़े धोने में थोड़ा। शाम तक टैंक खाली!
अब आप सोच रहे होंगे – यार, यह पानी की बात हो रही है या पैसे की?
दोनों! बिल्कुल दोनों। मैं इस कहानी के द्वारा आपको कहानी समझाने का कोशिश कर रहा हूँ|
आपके पैसे भी ऐसे ही हैं। महीने की शुरुआत में salary आती है – भर-भर के। और फिर… किराया, बिजली का बिल, राशन, बच्चों की फीस। महीने के आखिर तक खाली!
इसी को कहते हैं – Cash Flow
पैसे का आना-जाना। बस इतना ही। ठीक,
Cash Flow = जो आया – जो गया

टेक्निकल भाषा का इस्तेमाल करके Cash Flow समझना |

सोचिए अपने घर के बारे में। पैसा कहाँ से आता है?

  • पापाजी की salary
  • माँ अगर कुछ काम करती हैं तो उनकी कमाई
  • दुकान है तो उसका मुनाफा
  • FD से interest
  • किराए पर दिया है कोई मकान तो वो rent
  • खेत है तो फसल का पैसा

यह सब है पैसे का आना – मतलब inflow। लेकिन हम कहेंगे – आमदनी।

दूसरी बात: पैसा कहाँ जाता है?

अब यह देखिए कि हर महीने पैसा कहाँ-कहाँ उड़ता है:

  • घर का किराया (या EMI अगर अपना घर लिया है)
  • बिजली, पानी का बिल
  • राशन – आटा, दाल, तेल, सब्जी
  • बच्चों की स्कूल फीस
  • दवाई
  • पेट्रोल/डीजल
  • mobile का recharge
  • कपड़े
  • बाहर खाना
  • Netflix, Amazon Prime जैसी चीजें

और हाँ… वो जो आपकी पत्नी बोलती हैं – “कुछ बचत भी करनी है!” वो भी।
यह सब है पैसे का जाना – मतलब outflow। हम कहेंगे – खर्चा।

Positive Cash Flow और negative Cash Flow क्या होता हैं ?

इसको भी मैं आपको कहानी के द्वारा ही समझाऊंगा, ताकि आपको पूरी तरीके से समझ में आयें
आमदनी> खर्चा = खुशी!
आमदनी< खर्चा = टेंशन!
इतना सीधा है,
अगर महीने में 50,000 आए और 40,000 खर्च हुए, तो 10,000 बचे। यह है Positive Cash Flow। मतलब अच्छी हालत!
लेकिन अगर 50,000 आए और 55,000 खर्च हो गए? तो 5,000 की कमी। यह है Negative Cash Flow। मतलब मुसीबत!
तो आपको इतना आसान भाषा में, Positive Cash Flow और Negative Cash Flow समझा दिया |

तो cash flow अच्छा कैसे रखें?

अब आप पूछोगे – भाई, solution क्या है?
देखो, दो रास्ते हैं:

रास्ता नंबर 1: आमदनी बढ़ाओ

  • Extra काम करो weekend में
  • Hobby से पैसे कमाओ (cooking अच्छी आती है तो tiffin service, painting अच्छी आती है तो वो बेचो)
  • Tuition पढ़ाओ
  • Freelance काम करो online
  • पुराना सामान बेच दो जो काम नहीं आता

रास्ता नंबर 2: खर्चा कम करो

और यह ज्यादा आसान है! देखो कैसे:

छोटे-छोटे बदलाव जो बड़ा फर्क लाते हैं:

  • बाहर खाना कम करो। महीने में 10 बार के बजाय 5 बार। बस 2,000-3,000 बच गए!
  • Light बंद करो जो room खाली है। बिजली का बिल कम आएगा।
  • Netflix की बजाय YouTube देखो कभी-कभी। या family के साथ मिलकर एक ही subscription लो।
  • Auto की बजाय bus में जाओ जब time हो। या दोस्त के साथ carpool करो।
  • सब्जी subah fresh लो। थोड़ी सस्ती मिलती है।
  • Brand के chakkar में मत पड़ो हमेशा। Local company का सामान भी अच्छा होता है और सस्ता।

एक बार का example और देखो – पूरे घर का

मान लो एक middle-class family है – Sharma जी का परिवार।
Sharma जी की पूरी monthly cash flow:
Income (जो आया):
Sharma जी की salary:        ₹60,000
Mrs. Sharma की tutoring:    ₹15,000
FD से interest:              ₹3,000
___________________________________
Total Income:                ₹78,000

Expenses (जो गया):
Flat की EMI:                ₹25,000
Maintenance:                 ₹3,000
Grocery & राशन:             ₹12,000
बिजली bill:                 ₹2,500
Gas cylinder:                ₹1,000
Mobile recharge (सबका):      ₹1,500
Internet:                    ₹1,000
पेट्रोल:                     ₹5,000
बच्चों की school fees:      ₹8,000
Coaching classes:            ₹6,000
Medicine & doctor:           ₹2,000
Maid & help:                 ₹3,000
Entertainment (movie etc):   ₹2,000
Miscellaneous:               ₹3,000
________________________________
Total Expenses:             ₹75,000
Net Cash Flow = ₹78,000 – ₹75,000 = ₹3,000
देखा? Sharma जी का महीने में 3,000 रुपए बच रहे हैं। Positive cash flow!
यह 3,000 क्या करेंगे?

  • 1,000 emergency fund में
  • 1,000 kids के future के लिए save करेंगे
  • 1,000 अगले महीने के लिए buffer रखेंगे

Smart log यही करते हैं!

Cash Flow क्यों इतना जरूरी है?

अब आपकी दादीजी पूछेंगी – “बेटा, यह सब क्यों करना? हम तो पहले ऐसे ही manage कर लेते थे।”

तो उनको यह बताना:

Emergency में काम आता है

मान लो अचानक कोई बीमार हो गया। Hospital में 20,000 खर्च। अगर आपका cash flow negative है और पैसे ही नहीं, तो?

वैसे बजट करें, Emergency Budget क्या होता हैं, इसके ऊपर भी मैंने एक आर्टिकल लिखा हैं, तो वो आर्टिकल भी आप पढ़ सकते हैं, और समझ सकते हैं |

Companies  कैसे  cash flow पर चलती हैं?

चूँकि यहाँ पर फाइनेंस का बात हो रहा हैं, तो हम कंपनी के बारे में बात करेंगे, ताकि सबको समझ में आयें, इसको समझने से क्या होगा और वो कंपनी स्टॉक मार्किट में लिस्टेड है, तो आप देख सकते हैं, कि इसमें पैसा लगाना हैं, या नहीं,

आपने सुना होगा – “Company profitable है but cash flow negative है.” इसका मतलब?

Simple example:

एक mobile shop है। उसने ₹10 lakh की mobiles खरीदी। अभी तक सिर्फ ₹3 lakh की बेचीं। बाकी ₹7 lakh का stock पड़ा है।

Shop वाले ने ₹10 lakh invest किए but अभी तक ₹3 lakh ही वापस आए। Cash flow negative!

भले ही ₹50,000 का profit हो गया हो (mobiles selling price – cost), लेकिन cash तो  ₹7 lakh फंसा हुआ है!

तो अंत में मैं यही बोलूँगा कि  cash flow कोई rocket science नहीं है। अगर थोडा से कोई ध्यान दें तो इसको समझा जा सकता हैं |

बस इतना समझ लो:

  • आ रहा है कितना
  • जा रहा है कितना
  • बच रहा है या shortage है

अगर बच रहा है – perfect! उसे save करो, invest करो। अगर shortage है – देखो कहाँ unnecessary खर्च कर रहे हो। उसे कम करो। या extra income  का  source ढूंढो। तो यही था आज का आर्टिकल, उम्मीद है आपको समझ में आया होगा |

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