इस article में आप जानेंगे:
- Bank Nomination क्या होता है और यह क्यों जरूरी है
- Nominee और Legal Heir में क्या फर्क है
- Nomination कैसे add करें — step-by-step process
- Nomination न करने पर परिवार को क्या झेलना पड़ता है
- सभी financial accounts पर nomination कैसे manage करें
हमारे घरों में पहले यहाँ तक की आज भी एक पुरानी परंपरा थी। जब घर की बड़ी बुजुर्ग औरत यह महसूस करती थीं कि अब समय आ गया है, तो वह अपने घर की चाबियों का गुच्छा चुपचाप बहू के हाथ में थमा देती थीं। कोई ceremony नहीं, कोई document नहीं। बस एक भरोसे का transfer।
वह चाबी सिर्फ लोहे की नहीं होती थी, बल्कि वह घर की जिम्मेदारी का, संसाधनों के access का, और परिवार की देखभाल का symbol था, मतलब जो कुछ भी सास ने अपने जीवन भर में किया, कमाया, वो अब बहु के हाथों में, थमा दिया |

लेकिन आज वही चाभी, जो हैं, 2026 में digital हो गई है। और उसका नाम है — Nomination।
लेकिन समस्या यह है कि करोड़ों भारतीय अपनी bank accounts, FDs, insurance policies, और mutual funds में यह “digital चाबी” किसी को देना ही भूल जाते हैं। और जब वे नहीं रहते इस दुनिया में, तो उनका परिवार वर्षों तक courts के चक्कर लगाता रहता है,अपने ही पैसे पाने के लिए, जो कि बहुत तकलीफदेह होता हैं|
यह article उसी गलती को रोकने के लिए है।
Table of Contents
Bank Nomination क्या होता है? — सरल परिभाषा
Nomination वह कानूनी प्रक्रिया है जिसमें एक account holder अपने bank account, fixed deposit, या किसी भी financial instrument में किसी व्यक्ति का नाम register करता है, ताकि account holder की मृत्यु के बाद उस account में जमा राशि बिना किसी legal कठिनाई के या परेशानी के उस नामित व्यक्ति को मिल सके।
Banking Regulation Act 1949 और Banking Companies (Nomination) Rules 1985 के तहत भारत में bank nomination की व्यवस्था legally defined है।
सरल शब्दों में कहे तो,
अगर आप bank को नहीं बताते कि आपके बाद आपका पैसा किसे मिलेगा, तो bank उसे किसी को नहीं देगा,जब तक court का order न आए। ठीक, तो आपको समझ में आ गया होगा, कि Nomination क्या होता हैं |
Nominee बनाम Legal Heir, इन दोनों में क्या अंतर हैं ?
यह वह point है जहाँ अधिकांश लोग confused हो जाते हैं। और यह confusion बाद में बड़ी परेशानी बनती है।
| आधार | Nominee | Legal Heir |
| परिभाषा | Account holder द्वारा registered व्यक्ति | कानूनी उत्तराधिकारी (Will या Succession Law के अनुसार) |
| काम | Bank से पैसा receive करना | पैसे का असली हकदार होना |
| Document | Bank form में nomination | Will, या Succession Certificate |
| तुरंत access | हाँ, बिना court के | नहीं, legal process जरूरी |
एक और ज़रूरी बात आप समझ लीजिये कि Supreme Court ने Smt. Sarbati Devi v. Usha Devi (1984) मामले में स्पष्ट किया था कि Nominee केवल trustee की भूमिका में होता है, वह bank से पैसा तो ले सकता है, लेकिन वह पैसा ultimately legal heirs में बँटना होगा।
इसका मतलब यह है कि Nomination से दो काम होते हैं — पहला, बिना delay के bank से पैसा निकालने का अधिकार मिलता है।
दूसरा, अगर आप चाहते हैं कि वह पैसा केवल nominee को ही मिले, तो साथ में एक Will भी बनानी चाहिए।
Nomination न होने पर क्या होता है?
मान लीजिए राम जी की अचानक मृत्यु हो जाती है। उनके bank account में ₹8 लाख हैं। लेकिन उन्होंने कभी nomination नहीं जोड़ी।
अब उनकी पत्नी और बेटे को वह पैसा पाने के लिए क्या करना होगा:
पहले उन्हें Succession Certificate के लिए court में application देनी होगी। यह process District Court में होती है। इसमें minimum 6 महीने और कभी-कभी 2-3 साल लग जाते हैं। हम सब को पता है कि हमारें इंडिया में कोर्ट-कचहरी में कितना टाइम लगता हैं, इसके साथ Legal Heir Certificate के लिए Tehsildar के office के चक्कर लगाने होंगे। फिर court fees, lawyer fees जो ₹15,000 से ₹50,000 तक हो सकती है।
और इस सब दौरान वह ₹8 लाख bank account में freeze पड़े रहते हैं। परिवार को पैसों की जरूरत होती है, लेकिन access नहीं मिलता।
यह situation सिर्फ काल्पनिक नहीं है। Reserve Bank of India (RBI) के अनुसार मार्च 2024 तक भारत के विभिन्न banks में ₹42,270 करोड़ से ज्यादा unclaimed deposits पड़े हैं — जिनमें से बड़ा हिस्सा इसीलिए unclaim हो गया क्योंकि families को proper documents नहीं मिले। तो आप समझ सकते है कि Nomination में नाम न जोड़ने से कितना परेशानी होती हैं|
Nomination कैसे Add करें — पूरी Process

इसके कई तरीके होते हैं,
Online तरीका (Net Banking के जरिए):
पहला कदम है अपने bank की net banking में login करना। उसके बाद “Services” या “Profile” section में जाएं। वहाँ “Nomination” या “Add Nominee” का option मिलेगा। Nominee का पूरा नाम, relationship, date of birth, और address भरें। अगर nominee minor हो, तो एक guardian का नाम भी देना होगा। Submit करने पर एक OTP आएगा, जिससे verify होगा।
Offline तरीका (Bank Branch में):
Form DA1 भरकर bank branch में जमा करें। इसके साथ आपका identity proof, nominee का identity proof, और एक witness की जरूरत होती है। Branch तुरंत update कर देती है।
Fixed Deposit (FD) में Nominationकैसे जोडें ?
FD खोलते समय ही nomination option आता है। अगर पहले नहीं जोड़ा, तो branch में जाकर Form DA1 भरकर add कर सकते हैं। यह nomination FD renew होने पर भी carry forward होती रहती है।
Mutual Funds में Nomination
SEBI के 2022 के circular के अनुसार, सभी mutual fund holders के लिए nomination अनिवार्य कर दिया गया था। अगर आपने nomination नहीं की है, तो आपकी KYC freeze हो सकती है और आप redemption नहीं कर पाएंगे।
MF nomination के लिए अपने AMC की website या MF Central (mfcentral.com) पर जाएं और nomination update करें।
किन-किन Accounts में Nomination होनी चाहिए?
| Account का प्रकार | Nomination अनिवार्य? | Governing Body |
| Savings Bank Account | अनिवार्य (नया नियम) | RBI |
| Fixed Deposit | जरूरी | RBI |
| Demat Account | SEBI ने mandatory किया | SEBI |
| Mutual Fund | 2022 से mandatory | SEBI |
| Life Insurance | अनिवार्य | IRDAI |
| PPF Account | जरूरी | Ministry of Finance |
| NPS Account | अनिवार्य | PFRDA |
| EPF | जरूरी | EPFO |
देखिए, यह list लंबी है। और अधिकांश लोगों ने इनमें से आधे accounts में nomination नहीं जोड़ी होती।
Nomination से जुड़े कुछ जरूरी नियम कौन-से हैं ?
क्या Nomination बदल सकते हैं?
हाँ, जब चाहें। शादी के बाद spouse को nominee बनाना, बच्चे के बड़े होने पर उसे add करना — सब legal है। बस bank में जाकर form DA2 भरना होता है।
क्या joint account में nomination होती है?
हाँ। Joint account में surviving account holder के बाद nominee को राशि मिलती है। आप “Either or Survivor” type joint account में दोनों holders के nominees अलग-अलग हो सकते हैं।
क्या NRI के लिए अलग rules हैं?
FEMA (Foreign Exchange Management Act) के अनुसार NRI अपने NRE/NRO accounts में Indian residents को nominee बना सकते हैं। हालाँकि repatriation rules अलग होते हैं।
Minor को nominee बना सकते हैं?
हाँ। लेकिन minor के लिए एक guardian का नाम भी देना जरूरी है जो minor के 18 साल पूरे होने तक funds manage करेगा।
RBI का नया आदेश क्या हैं Nomination को लेकर के |
RBI ने अप्रैल 2024 में circular जारी किया जिसमें banks को निर्देश दिए गए कि वे ग्राहकों को nomination जोड़ने के लिए actively encourage करें। Banks को अपने mobile apps और net banking में nomination का option prominent बनाना होगा।
इसके साथ ही RBI ने “Benefit of Nomination” scheme के तहत यह भी कहा कि अगर account में valid nomination है, तो bank को death certificate और nominee के identity proof के आधार पर बिना किसी legal document के funds release करने का अधिकार है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: अगर nominee की मृत्यु account holder से पहले हो जाए तो क्या होगा?
उत्तर: ऐसे में nomination automatically void हो जाती है। Bank में जाकर नई nomination करना जरूरी है। अगर नहीं की और account holder की भी मृत्यु हो जाए, तो legal heir certificate की process से गुजरना होगा। इसलिए nomination को समय-समय पर review करना जरूरी है।
प्रश्न 2: क्या spouse automatically nominee होता है?
उत्तर: नहीं। भारतीय कानून में कोई “automatic nomination” नहीं होती। चाहे 30 साल की शादी हो, अगर bank account में nomination नहीं जोड़ी, तो spouse को भी legal process से गुजरना होगा। यह एक बड़ी misconception है।
प्रश्न 3: क्या एक से ज्यादा nominees हो सकते हैं?
उत्तर: Banking (Amendment) Act 2025 के बाद से अब bank accounts में multiple nominees रखने की सुविधा मिल गई है। पहले सिर्फ एक nominee होता था। अब आप percentage भी define कर सकते हैं।
प्रश्न 4: क्या Nomination एक Will की जगह ले सकती है?
उत्तर: नहीं। ये दोनों अलग-अलग और complementary documents हैं। Nomination से bank में quick access मिलता है। Will से यह define होता है कि ultimately पैसा किसे मिलेगा। Ideally दोनों होने चाहिए।
प्रश्न 5: Nomination करने के लिए कोई charge लगता है?
उत्तर: नहीं। सभी banks में nomination add करना, change करना, या cancel करना बिल्कुल निःशुल्क है। यह एक free service है।
अगर आप इस article को पढ़ रहे हैं, तो कृपया अभी ये 5 काम करें — कल पर मत टालिए:
पहला, अपने phone पर bank की app खोलिए और check करिए कि savings account में nomination है या नहीं।
दूसरा, अगर FD है, तो branch जाकर या net banking से nomination verify करिए।
तीसरा, अपने MF portfolio पर mfcentral.com पर जाकर nomination status check करिए।
चौथा, life insurance policy में nominee का नाम और relationship verify करिए — कभी-कभी पुरानी policy में nominee details outdated हो जाती हैं।
पाँचवाँ, EPFO की website पर जाकर अपना EPF nomination form update करिए।
तो वह दादी जो घर की चाबी बहू को देती थीं — वह यह सुनिश्चित कर रही थीं कि उनके जाने के बाद घर का काम रुके नहीं। परिवार परेशान न हो।
Nomination भी वही काम करती है। यह एक छोटा सा काम है — 10-15 मिनट का — लेकिन इसके न होने पर आपके प्रियजनों को वर्षों की तकलीफ झेलनी पड़ सकती है। कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं |
RBI के unclaimed deposits के वे ₹42,270 करोड़ याद हैं? उनमें से हर रुपया किसी परिवार का था। किसी ने सोचा नहीं था कि nomination जरूरी है।
आप वह गलती मत करिए।