आपने कभी सोचा है कि गाँव में रहने वाले लोग अपना पैसा कहाँ invest करते हैं? क्या उन्हें stock market के बारे में पता है? शहरों में तो हम हर दूसरे दिन Demat account, mutual funds और share market की बातें सुनते हैं, लेकिन क्या ग्रामीण इलाकों में भी ऐसा ही है? उनको इन सब चीजों के बारे में पता हैं, वो कैसे अपना पैसा बढाते हैं, आज मैं आपको बताऊंगा कि असल में गाँव के लोग किन तरीकों से अपना पैसा बढ़ाते हैं और उनकी financial awareness कितनी है।
पहले एक बात समझ लीजिए – भारत की लगभग 64% आबादी अभी भी गाँवों में रहती है। यह करीब 85 करोड़ लोग हैं। तो अगर हमें भारत की economy को समझना है, तो गाँवों को समझना बहुत जरूरी है। लेकिन यहाँ एक interesting बात है – हालांकि ग्रामीण इलाकों में लोगों की income शहरों से कम है, फिर भी वहाँ savings का culture बहुत मजबूत है। भले वो, mutial fund, stock market इन सब चीजों के बारे में न जानते हो, लेकिन पैसा वो भी बढाते हैं,

Table of Contents
ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश के पारंपरिक तरीके कौन-कौन से हैं ?
1. सोना – सबसे भरोसेमंद साथी
गाँवों में सोना सिर्फ गहना नहीं है, यह एक investment है। शादी-ब्याह हो, कोई emergency हो या फिर बुरे वक्त के लिए backup – सोना हर जगह काम आता है। ग्रामीण परिवार अपनी बचत का एक बड़ा हिस्सा सोने में लगाते हैं क्योंकि
- इसकी value समय के साथ बढ़ती है
- जरूरत पड़ने पर तुरंत बेच सकते हैं
- यह एक सामाजिक status का symbol भी है
- Banks में रखकर loan भी ले सकते हैं

अपने देश में ऐसा बोला जाता है कि कोई भी गरीब से गरीब औरत वो भी कुछ-न-कुछ सोना अपने पास रखती ही हैं|
2. Fixed Deposits और Post Office की योजनाएँ
गाँव के लोगों को सबसे ज्यादा पसंद है guaranteed returns। इसीलिए Fixed Deposits और Post Office की schemes उनकी पहली पसंद होती हैं। Post Office Savings Account, National Savings Certificate (NSC), Public Provident Fund (PPF) जैसी schemes बहुत popular हैं क्योंकि:
- ये सरकारी हैं, तो भरोसा ज्यादा है
- Returns fixed हैं, कोई risk नहीं
- हर गाँव में या आसपास Post Office मिल जाता है
- Process simple है, ज्यादा paperwork नहीं
3. जमीन और Property
ग्रामीण इलाकों में जमीन खरीदना सबसे बड़ा investment माना जाता है। लोग सालों तक पैसा बचाकर एक टुकड़ा जमीन खरीदते हैं। यह उनके लिए:
- Long-term security है
- अगली पीढ़ी के लिए assets है
- खेती या किराए से income का जरिया बन सकती है
- समय के साथ value बढ़ती रहती है
4. पशुपालन और कृषि में निवेश
गाँवों में लोग गाय, भैंस, बकरी खरीदना एक investment मानते हैं। यह daily income का source भी है:
- दूध बेचकर regular income
- बच्चे होने पर बेचकर lump sum amount
- खेती में मदद मिलती है
- Bank से loan लेने में आसानी होती है
नए जमाने के निवेश विकल्प: धीरे-धीरे बढ़ती Awareness
अब बात करते हैं कि क्या गाँव के लोग stock market और modern investment options के बारे में जानते हैं।
Stock Market की जानकारी: Reality Check
SEBI की एक हालिया survey के मुताबिक, भारत के 63% households को securities market के बारे में कुछ awareness है, लेकिन actual participation सिर्फ 9.5% है। और जब बात ग्रामीण इलाकों की आती है, तो यह आंकड़ा और भी कम है – सिर्फ 6%।
इसका मतलब क्या है? यार, यह बताता है कि awareness और actual investing में बहुत बड़ा gap है। लोगों ने share market का नाम सुना है, लेकिन:
- उन्हें लगता है कि यह बहुत risky है
- Process complex लगती है
- Trust की कमी है – कहीं पैसा डूब न जाए
- English और technical terms समझ नहीं आते
- Guidance देने वाला कोई नहीं मिलता
Mutual Funds: धीरे-धीरे बढ़ता Trend
पिछले कुछ सालों में mutual funds में ग्रामीण क्षेत्रों से investment बढ़ रहा है। अप्रैल से अगस्त 2024 के बीच जो 2.3 करोड़ नए investor folios add हुए, उनमें से 50% से ज्यादा छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से थे।
लेकिन यहाँ भी एक twist है। हालांकि numbers बढ़ रहे हैं, लेकिन छोटी रकम invest हो रही है। Mutual fund industry के total Assets Under Management में ग्रामीण और छोटे शहरों का contribution सिर्फ 19% है।
इसका मतलब लोग try तो कर रहे हैं, लेकिन छोटे-छोटे amounts से। बड़ी रकम अभी भी traditional methods में ही जा रही है।
Digital Payments और Banking
Coronavirus के बाद से ग्रामीण इलाकों में digital payments में जबरदस्त growth हुआ है।आप गाँव के किसी भी टपरी पर इसके बारे में देख सकते हैं, UPI, Paytm, PhonePe अब गाँवों में भी commonly use होते हैं। यह एक अच्छा sign है क्योंकि:
- Digital literacy बढ़ रही है
- Banking habits develop हो रही हैं
- लोग online transactions से comfortable हो रहे हैं
- यह आगे चलकर digital investing की तरफ ले जा सकता है
तो ऑनलाइन तरीके से पेमेंट गाँव भी हो रहा हैं, वहां के लोग भी पेमेंट कर रहे हैं |
यह है ग्रामीण भारत की investment reality। हाँ, awareness बढ़ रही है, लेकिन adoption अभी भी slow है। गाँव के लोग अभी भी traditional methods – सोना, FD, Post Office schemes, land – पर भरोसा करते हैं। Stock market और modern investment options के बारे में सुना तो है, लेकिन actually invest करने में hesitation है।
लेकिन यह बदलाव की शुरुआत है। अगले 5-10 सालों में जैसे-जैसे digital infrastructure मजबूत होगा, education level बढ़ेगा, और trust build होगा, ग्रामीण India भी actively stock market और mutual funds में participate करेगा।
अगर आप ग्रामीण क्षेत्र से हैं और investing में interested हैं, तो मेरी सलाह है – छोटे steps लो। पहले समझो, फिर invest करो। और हाँ, किसी registered financial advisor की मदद जरूर लो। आपका hard-earned money है, इसे carefully invest करें! वैसे मैंने इससे पहले भी एक आर्टिकल पोस्ट किया हैं, जिसमें बताया है कुछ फाइनेंस क्रिएटर के नाम, जो बहुत सरल भाषा में, finance के बारे में बता रहे हैं | तो भाषा का भी कोई प्रॉब्लम नहीं,आप भी सीख सकते हैं, इनसे और आगे बढ़ सकते हैं | कुछ पुराने तरीके से हट के, नए तरीके से, Invest कर सकते हैं |