- progessive tax
- regressive tax
- propotinal tax

Table of Contents
Progressive Tax क्या होता हैं ?
तो इसमें क्या होता हैं कि जैसे-जैसे आपका इनकम बढ़ता हैं, वैसे-वैसे आपको ज्यादा टैक्स देना होगा, तो इसमें सब के लिए न्याय हो रहा हैं, इसमें गरीबों पर उतना बोझ नहीं पड़ता हैं|
Proportional tax क्या होता हैं ?
इसमें कोई फर्क नहीं पड़ता हैं, सबके लिए same होता हैं, मुकेश अम्बानी को भी उतना ही टैक्स देना पड़ेगा, जितना एक गरीब आदमी को देना पड़ेगा,
जैसे मान लो –
अब कोई आदमी 10 हज़ार रुपया का महिना कमाता हैं, उसको मान लो कि 10% Tax देना पड़ता हैं, और कोई आदमी 10 करोड़ का महिना कमाता हैं, उसको भी 10 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता हैं,
मतलब इस आदमी का 10000-10%- 1000
10 का 10% = 1 करोड़ रुपया,
तो जो 10 करोड़ रुपया महिना का कमा रहा हैं, और अगर उसका 1 करोड़ टैक्स में चला भी गया तो तो उसके लिए उतना मायने नहीं रखता हैं, लेकिन ये जो 10 हज़ार वाला हैं, उसके लिए 1 hazaar बहुत होगा,
Surcharge tax(tax on tax) क्या होता हैं ?
- Income between ₹50 lakh and ₹1 crore: 10% surcharge on the income tax.
- Income between ₹1 crore and ₹2 crore: 15% surcharge on the income tax.
- Income between ₹2 crore and ₹5 crore: 25% surcharge on the income tax.
- Income above ₹5 crore: 37% surcharge on the income tax.
Cess (tax on tax) क्या होता हैं ?
अब जैसे मान लीजिये कि मैंने साल के 10 हज़ार रुपया कमाता हूँ,
तो मैं गया income tax लिए तो ,
मान लीजिये 10% tax मेरे को देना हैं,
100 रुपया मेरा गया,
अब मैंने पूछा की भाई surcharge भी लगेगा, तो उसने बोला नहीं आप limit से कम हो, तो आपका surcharge नहीं लगेगा ,
मतलब 0
अब बोला कि भाई cess तो लगेगा,
तो 4% तू cess दे दें –
तो
(100+0) का 4 % = मतलब 104 रुपया मेरे को देना पड़ेगा,
तो यहाँ पर कम समझा कि surcharge का पैसा भी Tax देना पड़ता हैं |
cess का और surcharge का पैसा कहाँ जाता हैं ?
तो जितना पैसा सरकार कमाती हैं, केंद्र सरकार उसका एक फिक्स परसेंट फिर राज्य को ही वापस दे दिया जाता है, अभी के लिए 41% हैं,
मतलब 100 rupya में 41 rupya सारे राज्यों को ही दे दिया जाता हैं,
लेकिन जो surcharge का या cess का जो पैसा हैं, वो राज्य सरकार के साथ share नहीं किया जाता हैं |
Corporation tax क्या होता हैं ?
मान लो कि रितेश नाम के एक कंपनी बनता हैं, जिसका Turnover या Sale जो हैं, वो 10 करोड़ हैं, तो
अब उस 10 करोड़ में से, 5 करोड़ अपना खर्च, और भी जो चीजें हैं, उस पर चला गया,
तो बचा 5 करोड़ ,
अब इस 5 करोड़ पर Tax देना होगा, इसको corporation tax बोला जाता हैं |
अब इस कम्पनी का जो मालिक हैं, ritesh, ठीक यह 50 लाख रुपया अगर वह पूरा अपने बैंक में transfer करवाता हैं, तो उसको अब income टैक्स देना होगा,
मतलब अब इस 50 लाख रूपये पर भी Tax देना होगा |
MAT – Minimum Alternate Tax (MAT) क्या होता हैं ?
मान लो कि कोई कंपनी हैं, और उसने 500 रुपया का Turnover किया, ठीक अब उसका खर्चा भी 500 हो गया,
तो मतलब Profit 0, तो कई बार कंपनी ऐसा करता हैं,
अपना tax बचाने के लिए, खर्चा बढ़ा के बताता हैं, तो इसके लिए सरकार बोला कि भाई मेरे को इससे कोई मतलब नहीं हैं, तेरा जो turnover हैं, मतलब sales, revenc, उसक तेरे को 15% टैक्स देना होगा, मतलब 500 रुपया का 15% तू दे दें, अगर तेरे को प्रोफ्त नहीं हो रहा हैं, तो कंपनी बंद कर, मेरे को इससे कोई मतलब नहीं है, तू 500 रुपया का tax दे दे|
Capital Gain Tax क्या होता हैं ?
अब मान लो कि मैंने 1 करोड़ रुपया का एक Propoerty लिया अब इसके 3 केस –
- मैंने इसको 90 लाख बेच दिया, मतलब मेरे को कुछ मजबूरी पड़ गया, इसलिए ऐसा करना पड़ा , इसमें आपको घाटा लगा, तो इसमें आपको टैक्स नहीं देना हैं, मतलब GST नहीं देना हैं,
- मैंने इसको 1 करोड़ में बेच दिया, इसमें भी आपने कोई Profit नहीं किया मतलब इसमें भी कोई Tax नहीं |
- मैंने इसको 1 करोड़ 25 लाख में बेच दिया अब इसमें आपने 25 लाख रूपये कमायें तो तो इस 25 laakh पर अगर short term का कुछ कम टैक्स होता हैं, और Long term का कुछ कम टैक्स होता हैं |
Professional Tax क्या होता हैं ?
अब मैं बिहारी हूँ, मैं महाराष्ट्र गया काम करने, अब मेरे को जो कंपनी पैसा दे रही हैं,
वह Professional tax काट लेगी, मतलब वह मुझें अपने राज्य महाराष्ट्र में काम करने के परमिशन दे रही हैं, तो उसका पैसा वो काटेगी | और यह पैसा राज्य सरकार का होता हैं,
कुछ राज्यों में Professional Tax Rates (2024-25) क्या-क्या हैं ?:
मैं इसका लिस्ट दे रहा हूँ, ताकि आपको अच्छे से समझ में आ जाएँ –
Maharashtra:
- 25,000 से ऊपर salary: 200 रुपये per month (February में 300 रुपये)
- Total per year: 2,500 रुपये
Karnataka:
- 15,000 तक: कोई tax नहीं
- 15,000 से ऊपर: 200 रुपये per month
- 60 साल से ऊपर: exempt
Gujarat:
- 12,000 से ऊपर: 200 रुपये per month
Tamil Nadu:
- 21,000 तक: कोई tax नहीं
- 21,001 से 30,000: 135 रुपये per month
- 30,001 से 45,000: 150 रुपये per month
- 45,001 से 60,000: 180 रुपये per month
- 60,000 से ऊपर: 208 रुपये per month
West Bengal:
- 15,000 तक: 110 रुपये per month
- 15,001 से 25,000: 130 रुपये per month
- 25,001 से 40,000: 150 रुपये per month
- 40,000 से ऊपर: 200 रुपये per month
Bihar:
- Annual basis पर tax लगता हैं
- 3,00,001 से 5,00,000: 1,000 रुपये per year
- 5,00,001 से 10,00,000: 2,000 रुपये per year
- 10,00,000 से ऊपर: 2,500 रुपये per year
Exemptions (छूट):
कुछ लोगों को professional tax नहीं देना पड़ता:
- 65 साल से ऊपर के लोग (कुछ states में 60 साल)
- Physically disabled persons (40% या ज्यादा disability)
- Armed forces के लोग
- Parents of disabled children
तो दोस्तों, ये था professional tax का पूरा concept। अगर आप दूसरे state में जाकर काम करते हो, तो ध्यान रखना कि वहाँ professional tax लगता हैं या नहीं।
तो दोस्तों, हमने देखा कि India में कितने तरह के taxes होते हैं। हर tax का अपना एक purpose हैं, अपनी एक logic हैं। कुछ taxes central government लेती हैं, कुछ state government लेती हैं। आगे से आपको टैक्स के बारे में कोई Confusion नहीं होगा, जब भी, इसके बारे में आपको जानना होगा तो, आप इस आर्टिकल को पढ़ लीजियेगा, आपके बहुत सारे डाउट क्लियर हो जायेंगे |
Proportional Tax क्या होता है?
हर किसी के लिए समान टैक्स दर
TDS और Professional Tax में क्या फर्क है?
TDS आय से कटता है, Professional Tax राज्य सरकार लेती है
क्या सभी राज्यों में Professional Tax लगता है?
नहीं, राज्य अनुसार