Diversification (बटवारा): पैसे बचाने का सबसे पुराना और सबसे सुरक्षित तरीका |

तो हम लोगों ने बहुत सारे आर्टिकल लिखे हैं, फाइनेंस के ऊपर, बहुत सारे, हर तरीके के जो नए टॉपिक होते हैं, उसको हम अपने इस CreditVanta वेबसाइट पर कवर करते है, ठीक उसी आज भी मैं एक Diversification या हिंदी में कहें तो “बटवारा”, एक बहुत ही अच्चा फाइनेंस का टॉपिक हैं, उसके बारे में, आज के आर्टिकल में चर्चा करूँगा,  यह शब्द थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन इसका मतलब बहुत सरल है।

Diversification है क्या, यह होता क्या हैं ?

एक पुरानी कहावत है – “सारे अंडे एक ही टोकरी में मत रखो।”
आपने यह उसना होगा, यहाँ तक की अमेरिका के बहुत बड़े जो निवेशक हैं, वेरेन बुफेट ने शायद इसको बोला था, क्यों? क्योंकि अगर वो टोकरी गिर गई, तो सारे अंडे टूट जाएंगे। लेकिन अगर आपने अंडों को अलग-अलग टोकरियों में रखा है, तो एक टोकरी गिरने पर भी बाकी अंडे सुरक्षित रहेंगे।
बस यही है Diversification,  अपने पैसों को अलग-अलग जगहों पर रखना, ताकि एक जगह कुछ गड़बड़ हो जाए तो बाकी जगह के पैसे सुरक्षित रहें। ठीक हैं,

एक उदहारण के द्वरा मैं इसको और अच्छे से समझा दूंगा | मान लीजिए आपके पास 10 बीघा जमीन है। अब आप क्या करेंगे?
गलत तरीका: पूरी 10 बीघा में सिर्फ गेहूं बोना।
क्यों गलत है? अगर उस साल गेहूं की फसल खराब हो गई (बारिश कम हुई, या कीड़ा लग गया), तो आपकी पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी।

सही तरीका: जमीन को बांट लीजिए:

  • 3 बीघा में गेहूं
  • 3 बीघा में चना
  • 2 बीघा में सरसों
  • 2 बीघा में सब्जियां

अब अगर गेहूं की फसल खराब भी हो गई, तो भी चना, सरसों और सब्जियां तो हैं ना! कुछ न कुछ तो मिलेगा ही।
यही है Diversification,  अलग-अलग जगह पर अपना investment करना।

पैसों के मामले में Diversification कैसे करें?

अब आते हैं असली बात पर। आपकी life भर की मेहनत की कमाई है, pension है, या fixed deposit है। इस पैसे को सुरक्षित कैसे रखें?
पहले देखिए – गलत तरीका क्या है?

Example 1: सिर्फ Bank में Fixed Deposit

बहुत सारे लोग सोचते हैं – “बस सारा पैसा Bank के FD में डाल दो, सुरक्षित रहेगा।”
लेकिन समस्या क्या है?

  • Bank का interest rate बहुत कम है (आजकल 6-7% के आसपास)
  • महंगाई (inflation) लगभग 6-7% है
  • मतलब आपका पैसा बढ़ ही नहीं रहा, बल्कि उसकी value घट रही है!

Example 2: सिर्फ सोने में पैसा लगाना

कुछ लोग कहते हैं – “सोना सबसे सुरक्षित है, सारा पैसा सोने में लगा दो।”
लेकिन:

  • सोने की कीमत उतार-चढ़ाव करती रहती है
  • अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ी तो सोना बेचना पड़ेगा
  • और उस वक्त अगर सोने की कीमत कम हो तो नुकसान हो सकता है

Example 3: सिर्फ किसी एक Company के Shares

यह तो सबसे ज्यादा खतरनाक है! एक ही company में सारा पैसा – और अगर वो company डूब गई तो?
अब देखिए – सही तरीका क्या है?
अपने पैसों को अलग-अलग जगहों में बांटिए:
मान लीजिए आपके पास ₹10 लाख हैं। तो इस तरह बांट सकते हैं:

1. Bank Fixed Deposit में: ₹3 लाख (30%)

  • बिल्कुल safe
  • जब चाहें निकाल सकते हैं
  • Emergency के लिए ready रहता है
  • Regular interest मिलता रहता है

2. Post Office की Schemes में: ₹2 लाख (20%)

  • Senior Citizen Saving Scheme (बुजुर्गों के लिए special)
  • Monthly Income Scheme
  • बहुत सुरक्षित, सरकार की guarantee
  • FD से थोड़ा ज्यादा interest

3. सोने में: ₹1.5 लाख (15%)

  • Sovereign Gold Bonds (सरकारी Gold Bonds – सबसे अच्छा)
  • Physical सोना भी थोड़ा रख सकते हैं
  • लंबे समय के लिए अच्छा investment
  • महंगाई से protection

4. Mutual Funds (Debt Funds) में: ₹2 लाख (20%)

  • बहुत सुरक्षित type के Mutual Funds
  • Bank FD से थोड़ा ज्यादा return
  • Professional लोग संभालते हैं
  • जब चाहें निकाल सकते हैं

5. घर में Cash: ₹1.5 लाख (15%)

  • तुरंत काम आने के लिए
  • छोटे-मोटे खर्चों के लिए
  • Emergency में Bank नहीं जाना पड़ेगा

क्यों जरूरी है यह बटवारा यानी Diversification |

मान लीजिये कि रमेश काका ने अपनी सारी pension – ₹15 लाख – एक ही Bank के FD में डाल दी। Interest rate था 6.5%।
फिर क्या हुआ?

  • उनकी पत्नी को operation की जरूरत पड़ी
  • FD तोड़ी तो penalty लगी
  • बाकी पैसों पर कम interest मिलने लगा
  • और जो बचा, उस पर inflation की मार
  • 5 साल में उनका ₹15 लाख की value रह गई जैसे ₹12 लाख

लेकिन  सुरेश अंकल  जिनकी उम्र 68 साल हैं |

सुरेश अंकल थोड़े समझदार थे। उन्होंने अपने ₹15 लाख को बांटा,

  • ₹4 लाख FD में
  • ₹3 लाख Post Office में
  • ₹3 लाख Gold Bonds में
  • ₹3 लाख Debt Mutual Funds में
  • ₹2 लाख घर में cash

फिर क्या हुआ?

  • जब पैसों की जरूरत पड़ी, तो cash use किया
  • Mutual Fund से थोड़ा निकाला (penalty नहीं लगी)
  • FD को touch नहीं करना पड़ा
  • 5 साल में उनका पैसा ₹19 लाख के आसपास पहुंच गया
  • Plus emergency में भी परेशानी नहीं हुई

तो अंत में आर्टिकल के समाप्ति पे मैं यही बोलूँगा कि आपने जिंदगी भर मेहनत की है। यह पैसा आपकी मेहनत का फल है। इसको सुरक्षित रखना और बढ़ाना दोनों जरूरी है।
Diversification कोई नई चीज नहीं है। यह तो हमारे बुजुर्ग हमेशा से करते आए हैं – थोड़ा जमीन, थोड़ा सोना, थोड़ा cash। बस अब के जमाने में options ज्यादा हैं।
सबसे जरूरी – अपनी समझ से करिए। किसी के बहकावे में मत आइए। अपने बच्चों से बात करिए। और हां, सब कुछ लिख कर रखिए।
आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे, बढ़े भी, और जरूरत पड़ने पर काम आए – यही है Diversification का मकसद। आज के आर्टिकल मैंने आपको बहुत सारे अलग-आलग उदहारण दिए, कुछ फैक्ट्स भी, यहाँ तक कि वारेन बुफे को भी quote किया, बाकी यह सब कुछ आपके ऊपर हैं, मैं आपको सलाह ही दे सकता हूँ, आज के आर्टिकल के लिए बस इतना ही था, जो भी नए चीजें आती हैं, मैं ज़रूरी उसके बारे में आगे भी इसी तरीके से बाते करता रहूँगा |

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