बैंक आपसे कैसे पैसा कमाता है — Hidden Charges की पूरी लिस्ट जो कोई नहीं बताता

अभी हाल फिलहाल में एक विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था, जिसमें एक आदमी बैंक के मेनेजर से झगडा करते हुए नज़र आ रहा था, मतलब कि वह बोल रहा था कि बैंक ने TDS का पैसा काट लिया हैं, तो ऐसे कई विडियो आपको आय-दिन सोशल मीडिया पर देखने के मिलते होंगे, जिसमें होता क्या हैं, कोई बैंक के Hidden fees के कारण, उसके ग्राहक उससे लड़ते नज़र आते हैं, वैसे हम सब को पता है कि

बैंकिंग प्रणाली हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चूका  है। लगभग सारे लोगों के पास कोई न कोई, किसी न किसी बैंक में उसका खाता होगा ही, सारे लोग बैंक से जुडी जो भी सेवाएं हैं, वो लेते हैं, जैसे कि बैंक खाता खोलना, लोन लेना, पैसे ट्रांसफर करना, और भी बहुत कुछ। लेकिन पता नहीं आप यह जानते हैं या नहीं कि और यह अफवाफ भी चलता है सोशल मीडिया पर, बैंक Intrest rate से तो पैसा कमाते  ही हैं, बैंक ये जो सेवाएं होती हैं, ये जो कुछ हिडन चार्जेज होती हैं, उससे भी बहुत पसिया कमाती हैं, आर्टिकल में हम इसी सवाल का जवाब देंगे और आपको बताएंगे कि बैंक किस तरह से Hidden फीसों से Bank पैसा कमाते हैं ?

1. बैंकों का ज्यादा फायदा किस चीज़ से होता हैं, वो Intrest Rate से ज्यादा पैसा कमाते हैं, या जो सेवाएं वो देते हैं, उससे कमाते हैं ?

तो बैंकों का जो मुनाफा हैं, आम तौर पर दो प्रमुख तरीकों से आता है:

  • ब्याज (Interest): बैंक जब किसी को लोन देते हैं, तो उनसे ब्याज लेते हैं। यह ब्याज बैंक की आमदनी का सबसे प्रमुख स्रोत होता है। आपने भी कभी न कभी बैंक से लोन लिया होगा या आपके कोई रिश्तेदार होंगे जिन्होंने ने, लिया होगा, तो सबका इसका अनुभव हैं,
  • फीस (Charges): इसके अलावा दूसरा जो तरीका हैं, वो  बैंक हमें विभिन्न सेवाओं के लिए फीस भी लेते हैं। ये फीस कई प्रकार की होती हैं, जैसे कि मेंटेनेंस चार्जेस, एटीएम चार्जेस, मिनिमम बैलेंस शुल्क, पता नहीं और क्या-क्या ?

हालांकि, हम अक्सर सोचते हैं कि बैंक मुख्य रूप से ब्याज से ही पैसे कमाते हैं, लेकिन असल में बैंकों की Hidden Fees भी उन्हें बहुत पैसा देता हैं, तो दो तरीका आपने समझ लिया बैंकों के पैसा कमाने का | अब ये जो feeses हैं, मैं आपको लाइन से बताऊंगा और फिर आप अपने से सोचियेगा कि सच में, बैंक intrest Rate से ज्यादा पैसा कम लेती हैं|

A. Account Maintenance Charges

जब आप बैंक में एक खाता खोलते हैं, तो आपको अकाउंट मेंटेनेंस शुल्क का सामना करना पड़ता है। मतलब की आप अपना पैसा बैंक के पास रख रहे हैं, तो इसके बाद बिल्ल्कुल चिंता मुक्त हो जाते हैं, कोई चोरी का डर नहीं कुछ नहीं, तो तो अब बैंक जो इसका रख-रखाव कर रहा हैं, उसका तो पैसा लेगा ही, यह शुल्क हर महीने या साल में लिया जाता है। तो पहले जो बैंक पैसा कमाती हैं, वो इसके द्वारा ही होता हैं |

B. ATM Transaction Charges

एटीएम कार्ड का उपयोग करना आजकल बहुत  आम बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एटीएम से पैसा निकालने पर भी बैंक चार्ज लेता है? अगर आप अपने बैंक के एटीएम से पैसा निकालते हैं यह Home atm कहा जाता हैं, दूसरें से निकालते हैं, तो वह दूसरा हो जाता हैं, तो इसमें भी बैंक के अपने किसी ATM से किये तो तो वह कम पैसा लेता हैं, और किसी दूसरें से किये तो वह ज्यादा पैसा लेता हैंतो यह दूसरा तरीका कहें, बैंकों के पैसा कमाने का | अलग-अलग बैंक के अलग फीस होते हैं, इन फीसों का राशि सामान्य तौर पर 20-30 रुपये होती है, जो कुछ बैंकों में और भी ज्यादा हो सकती है कुछ बैंकों में कम हो सकती हैं |

C. Card Fees

बैंक क्रेडिट और डेबिट कार्ड जारी करते हैं, क्रेडिट कार्ड तो आपको पता ही होगा, एक तरीके से बैंक आपके Valuation देख करके पैसा देती हैं, और Debit card यह आपका खुद का पैसा होता हैं, तो इसके जारी करने के के भी बैंक पैसे लेते हैं, और इसमें भी शायद कुछ लिमिट होता हैं, मतलब इस पर भी कुछ-न-कुछ Hidden charges हैं|

D. Minimum Balance Charge

यह बड़ा कॉमन हैं और यह अनपढ़ से अनपढ़ आदमी भी इस बात को जानता हैं, मतलब बैंक अपना एक फिक्स करता हैं,की भाई तेरे को इतना पैसा बैंक में रखना ही  रखना हैं, अगर नहीं रखे तो उसका भी कुछ चार्ज लागेगा, भारत के कई बैंकों में मिनिमम बैलेंस बनाए रखने की शर्त होती हैं और अलग-अलग होती हैं, यह फीस 100 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक हो सकती है, जो आपके बैंक के नियमों पर निर्भर करती है। और किस प्रकार का आपका खाता हैं, मतलब saving account हैं, या current account  हैं |

E. Money Transfer Charges

बैंक द्वारा पैसे ट्रांसफर करने के लिए भी फीस ली जाती है। चाहे आप ऑनलाइन पेमेंट गेटवे का उपयोग करें या बैंक ब्रांच में जाकर पैसे ट्रांसफर करें, आपको शुल्क चुकाना पड़ सकता ही है। खासकर जब आप International Transcation करते हैं, तो बैंक इससे ज्यादा शुल्क लेता है। बहुत बातों पर निर्भर करता हैं, कि बैंक आपको कितना चार्ज करेगी, Money Transfer से रिलेटेड करने के लिए,

इस लेख से स्पष्ट है एक दम साफ़ पता चल जाता है कि बैंकों का असली मुनाफा ब्याज से ज्यादा फीसों से आता है। वो ब्याज से तो पैसा कमाते ही हैं, फीस भी उनके बैंक के, चलायें रखने के ज़रूरी होती हैं, इससे उनको अपने स्टाफ को पे करने का पैसा भी मिलता हैं, लेकिन  इन छिपी हुई फीसों को समझना और उन पर ध्यान देना हर ग्राहक के लिए जरूरी है ताकि बैंक आपका कोई ज्यादा नहीं काट लें, तो उम्मीद करता हूँ कि आपको इस लेख से, इस आर्टिकल से बहुत कुछ सीखने को मिला होगा|

एक साल में आपके बैंक ने आपसे कितना पैसा चुपचाप काटा — Real Calculation

यह section इसलिए unique है क्योंकि हर article charges के types बताता है — लेकिन कोई यह calculate करके नहीं दिखाता कि एक average भारतीय साल में इन charges की वजह से कितना नुकसान उठाता है।

मान लीजिए एक average middle-class इंसान जिसका SBI में savings account है:

Charge का प्रकारकितनी बारPer chargeसालाना नुकसान
दूसरे बैंक के ATM से निकासी (4 बार/महीने × 12)48 बार₹21₹1,008
Minimum balance penalty (3 महीने)3 बार₹100₹300
Debit card annual fee1 बार₹200₹200
SMS alert charges12 महीने₹15₹180
Cheque book (1 extra)1 बार₹50₹50
कुल सालाना नुकसान: लगभग ₹1,738

और यह सिर्फ एक average user का है। जो लोग credit card late payment करते हैं, international transactions करते हैं, या loan prepayment charges देते हैं — उनका नुकसान ₹5,000-₹10,000 सालाना तक पहुँच सकता है।

इन charges से बचने के 3 practical तरीके:

  • पहला — Zero Balance Account खोलें। Jan Dhan account या कुछ private banks जैसे IDFC First Bank में zero balance saving account मिलता है जहाँ minimum balance penalty नहीं लगती।
  • दूसरा — UPI use करें ATM की जगह। PhonePe, GPay से payment करने पर कोई charge नहीं लगता। ATM का use सिर्फ cash ज़रूरत पर करें।
  • तीसरा — साल में एक बार अपना bank statement check करें। हर unexplained debit को bank से लिखित में explain करवाएं। RBI के नियम के अनुसार बैंक को हर charge का कारण बताना ज़रूरी है।

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